Lado Protsahan Yojana: बेटियों के लिए यह योजना बनी वरदान! पहले 50 हजार.. अब 1 लाख दे रही सरकार

Lado Protsahan Yojana:  राजस्थान में लाडो प्रोत्साहन योजना ने बेटियों को नई उम्मीद दी है। अब मुख्यमंत्री ने राजश्री योजना को Lado Protsahan Yojana 2025 के रूप में नामित किया है, जिसमें बेटियों को मिलने वाली राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दिया गया है। यह राशि जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई करने वालों को दी जाएगी और 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर भी दी जाएगी। 1 अगस्त 2024 के बाद जन्मी हर बेटी को योजना के तहत सात किस्तों में कुल 1 लाख रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा।

भारत में बेटियों के प्रति भेदभाव और कन्या भ्रूण हत्या जैसी समस्याएँ लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों ने कई योजनाओं की शुरुआत की है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण योजना है – Lado Protsahan Yojana 2025। लाडो प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनकी शिक्षा सुनिश्चित करना और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना है। इस Lado Protsahan Scheme 2025 के माध्यम से सरकार समाज में बेटियों के प्रति नजरिए को बदलने और उन्हें समान अवसर प्रदान करने का प्रयास कर रही है।

Lado Protsahan Yojana
Lado Protsahan Yojana

Lado Protsahan Yojana latest update

राजश्री योजना पहले बेटियों को 50,000 रुपये का प्रोत्साहन देती थी। लेकिन अब यह 1 लाख रुपये हो गया है। सात किस्तों में यह राशि दी जाएगी, प्रत्येक में विशिष्ट मील के पत्थरों पर राशि दी जाएगी। योजना की एक विशेषता है कि बेटी की निगरानी के लिए एक अलग आईडी बनाया जाएगा, जिससे योजना पारदर्शी रहेगी। बच्ची की शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास इस आईडी पर निर्भर करेंगे। राजस्थान की मूल निवासी माताओं केवल उन बेटियों को लाभ मिलेगा जो सरकारी चिकित्सालयों में या जननी सुरक्षा योजना से अनुमोदित निजी चिकित्सालयों में जन्मी हैं।

लाडो प्रोत्साहन योजना की शुरुआत मुख्य रूप से हरियाणा राज्य में हुई, जहां लिंगानुपात की समस्या बहुत गंभीर थी। वर्ष 2005 में हरियाणा सरकार ने इस योजना की शुरुआत की, जिसका नाम “लाडली” रखा गया। बाद में इसे लाडो प्रोत्साहन योजना के नाम से जाना गया।

हरियाणा के सफल प्रयोग के बाद, इस तरह की योजनाओं को देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया गया। राजस्थान में इसे “राजलक्ष्मी योजना”, मध्य प्रदेश में “लाडली लक्ष्मी योजना” और दिल्ली में “लाडली योजना” के नाम से जाना जाता है। हालांकि विभिन्न राज्यों में इसके नाम और प्रावधानों में थोड़ा अंतर हो सकता है, लेकिन इन सभी योजनाओं का मूल उद्देश्य एक ही है – बेटियों के कल्याण को सुनिश्चित करना।

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लाडो प्रोत्साहन योजना के प्रमुख उद्देश्य

लाडो प्रोत्साहन योजना के निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्य हैं: Lado Protsahan Yojana for girl child education

  1. कन्या भ्रूण हत्या रोकना: योजना का प्राथमिक उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना और बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना है।
  2. लिंग अनुपात में सुधार: भारत में कई राज्यों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या कम है। इस योजना का उद्देश्य लिंग अनुपात में सुधार लाना है।
  3. बालिकाओं की शिक्षा: योजना बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करती है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करती है।
  4. बाल विवाह रोकना: योजना बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने में भी मदद करती है, क्योंकि इसके तहत मिलने वाले लाभ के लिए बालिका का अविवाहित होना जरूरी है।
  5. आर्थिक सहायता प्रदान करना: योजना के तहत बालिकाओं के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

लाभ और विशेषताएं: Lado Protsahan Yojana benefits for girls

वित्तीय सहायता

लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत बालिकाओं के परिवारों को विभिन्न चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है:

  • जन्म के समय: बालिका के जन्म के समय परिवार को एक निश्चित राशि दी जाती है।
  • टीकाकरण पूरा होने पर: सभी आवश्यक टीकाकरण पूरे होने पर अतिरिक्त धनराशि प्रदान की जाती है।
  • स्कूल में प्रवेश: जब बालिका स्कूल में प्रवेश लेती है, तो परिवार को और अधिक आर्थिक सहायता मिलती है।
  • उच्च शिक्षा: कई राज्यों में बालिका के उच्च शिक्षा ग्रहण करने पर भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

शिक्षा सुविधाएं

योजना के तहत बालिकाओं को शिक्षा के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान की जाती हैं:

  • निःशुल्क शिक्षा: कई राज्यों में योजना के तहत पंजीकृत बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है।
  • छात्रवृत्ति: बालिकाओं को उनकी शैक्षिक उपलब्धियों के आधार पर छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है।
  • पाठ्य सामग्री: कुछ राज्यों में बालिकाओं को निःशुल्क पाठ्य सामग्री और स्कूल यूनिफॉर्म भी प्रदान किए जाते हैं।

स्वास्थ्य लाभ

योजना के तहत बालिकाओं को स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी प्रदान किए जाते हैं:

  • निःशुल्क स्वास्थ्य जांच: नियमित रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा।
  • टीकाकरण: सभी आवश्यक टीकाकरण निःशुल्क प्रदान किए जाते हैं।
  • पोषण: कुछ राज्यों में बालिकाओं के लिए विशेष पोषण कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं।

किस्तों की सूचना: Lado Protsahan Yojana payment status

इस योजना में धन अब छह की बजाय सात किस्तों में दिया जाएगा। धन का वितरण इस तरह होगा:

  • जन्म पर पहली किस्त: 2500 रुपये।
  • परीक्षा पूरी होने के बाद दूसरा भुगतान: 2500 रुपये।
  • तीसरी किस्त: स्कूल में प्रवेश पर लागू होती है: 4000 रुपये।
  • चौथी किस्त: छठी कक्षा में प्रवेश पर 5000 रुपये है।
  • पांचवी किस्त, जो दसवीं कक्षा में प्रवेश पर लागू होती है, 11000 रुपये है।
  • छठी किस्त (बारहवीं कक्षा में प्रवेश पर): 25,000 रुपये।
  • सातवीं किस्त: 50,000 रुपये, स्नातक होने और 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर।

ऑनलाइन प्रक्रिया: apply for Lado Protsahan Yojana online

योजना के अनुसार, उसे घर बैठे बेटी के जन्म के साथ एक लाख रुपए का संकल्प पत्र मिलेगा, जो ओजस पोर्टल पर डाउनलोड किया जा सकता है। लाभार्थी को किसी भी परेशानी के बिना सीधे पैसे मिलेंगे क्योंकि राशि ऑनलाइन भुगतान की जाएगी। लाडो प्रोत्साहन योजना राजस्थान में बेटियों के विकास और शिक्षा को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

विभिन्न राज्यों में लाडो प्रोत्साहन योजना

हरियाणा: लाडली योजना

हरियाणा में लाडली योजना के तहत, परिवार की पहली बेटी के जन्म पर 5,000 रुपये और दूसरी बेटी के जन्म पर 10,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इसके अलावा, बालिका के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1 लाख रुपये की राशि दी जाती है।

राजस्थान: राजलक्ष्मी योजना

राजस्थान में राजलक्ष्मी योजना के अंतर्गत, बालिकाओं के जन्म से लेकर उनके विवाह तक विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ बीपीएल परिवारों की बालिकाओं को मिलता है।

मध्य प्रदेश: लाडली लक्ष्मी योजना

मध्य प्रदेश में लाडली लक्ष्मी योजना के तहत, बालिका के जन्म पर 6,000 रुपये और फिर विभिन्न शैक्षिक उपलब्धियों पर अतिरिक्त धनराशि प्रदान की जाती है। बालिका के 21 वर्ष की आयु पूरी होने और अविवाहित होने पर कुल 1.18 लाख रुपये की राशि दी जाती है।

दिल्ली: लाडली योजना

दिल्ली में लाडली योजना के अंतर्गत, बालिका के जन्म पर 11,000 रुपये का निवेश किया जाता है और हर स्कूली वर्ष में 5,000 रुपये अतिरिक्त जमा किए जाते हैं। बालिका के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर, उसे संचित राशि और ब्याज प्राप्त होता है।

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